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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसम्बर 1885 में बम्बई में आयोजित किया गया था।
| वे वर्ष जिनमें कांग्रेस के सत्र आयोजित हुए | सत्र का स्थान और अध्यक्ष |
| दिसंबर 1885 | बम्बई में आयोजित -अध्यक्षता – वोमेश चंद्र बनर्जीयह पहला अधिवेशन था । जिसके परिणामस्वरूप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन हुआ। |
| दिसंबर 1886 | कलकत्ता में आयोजित -अध्यक्षता- दादाभाई नौरोजीयह दूसरा सत्र था |
| दिसंबर 1887 | मद्रास में आयोजित -अध्यक्षता- बदरुद्दीन तैयबजी वह पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे । यह तीसरा सत्र था |
| दिसंबर 1888 | इलाहाबाद में आयोजित -अध्यक्षता- जॉर्ज यूलवह पहले अंग्रेज राष्ट्रपति थेयह चौथा सत्र था |
| दिसंबर 1896 | कलकत्ता में आयोजित किया गया। -अध्यक्षता रहिमतुल्लाह एम सयानी ने कीरवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाया था |
| दिसंबर 1899 | लखनऊ में आयोजित - अध्यक्षता: रोमेश चंद्र दत्त। भू-राजस्व का स्थायी निर्धारण लागू करने का प्रस्ताव था |
| दिसंबर 1901 | कलकत्ता में आयोजित -अध्यक्षता- दिनशॉ एडुल्जी वाचा ने की कांग्रेस अधिवेशन के मंच पर गांधीजी की पहली उपस्थिति |
| दिसंबर 1905 | बनारस में आयोजित -अध्यक्षता- गोपाल कृष्ण गोखलेसरकार के खिलाफ स्वदेशी आंदोलन की आधिकारिक घोषणा की गई |
| दिसंबर 1906 | कलकत्ता में आयोजित -अध्यक्षता- दादाभाई नौरोजीस्वराज, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा और बहिष्कार आंदोलन के विषयों पर चार प्रस्ताव अपनाए गए |
| दिसंबर 1907 | सूरत में आयोजितअध्यक्षता- रासबिहारी घोष ने कीकांग्रेस गरमपंथियों और उदारवादियों में विभाजित थी1907 का कांग्रेस अधिवेशन स्थगित कर दिया गया |
| दिसंबर 1910 | इलाहाबाद में आयोजित -अध्यक्षता - सर विलियम वेडरबर्नएम.ए. जिन्ना द्वारा 1909 के अधिनियम के माध्यम से शुरू की गई निर्वाचन प्रणाली की निंदा |
| दिसंबर 1911 | कलकत्ता में आयोजित -अध्यक्षता- बीएन धर राष्ट्रगान जन-गण-मन पहली बार गाया गया |
| दिसंबर 1915 | बम्बई में आयोजित -अध्यक्षता सर एसपी सिन्हा ने की कांग्रेस ने उग्रवादी वर्ग से प्रतिनिधियों को लाने के लिए अपने संविधान में संशोधन किया |
| दिसंबर 1916 | लखनऊ में आयोजित -अध्यक्षता- ए.सी. मजूमदार कांग्रेस के दो धड़े यानी नरमपंथी और गरमपंथी एक हो गएकांग्रेस और मुस्लिम लीग ने एक साथ मिलकर लखनऊ समझौते पर हस्ताक्षर किए |
| दिसंबर 1917 | कलकत्ता में आयोजित -अध्यक्षता - एनी बेसेंट ने की |
| अगस्त 1918 दिसंबर 1918 | बम्बई में आयोजित -अध्यक्षता- रोमेश चंद्र दत्तदिल्ली में आयोजितअध्यक्षता- मदन मोहन मालवीय |
| दिसंबर 1920 | नागपुर में आयोजित -अध्यक्षता- सी. विजयराघवाचार्य |
| दिसंबर 1922 | गया में आयोजित -अध्यक्षता देशबंधु चितरंजन दास ने की |
| दिसंबर 1924 | बेलगाम में आयोजित -अध्यक्षता- एम.के. गांधी |
| अप्रैल 1925 | कानपुर में आयोजित -अध्यक्षता श्रीमती सरोजिनी नायडू ने की |
| दिसंबर 1927 | मद्रास में आयोजित -अध्यक्षता- एम.ए. अंसारी |
| अप्रैल 1929 | लाहौर में आयोजितजवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में |
| मार्च 1931 | कराची में आयोजितअध्यक्षता-सरदार वल्लभ भाई पटेल ने की |
| अक्टूबर 1934 | बम्बई में आयोजितअध्यक्षता डॉ राजेंद्र प्रसाद ने की |
| जून 1936 | लखनऊ में आयोजितअध्यक्षता- जवाहरलाल नेहरू |
| जुलाई 1937 | फैजपुर में आयोजितजवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में |
| फरवरी 1938 | हरिपुरा में आयोजितअध्यक्षता- सुभाष चंद्र बोस |
| मार्च 1939 | त्रिपुरा में आयोजितअध्यक्षता- सुभाष चंद्र बोस |
| मार्च 1940 | रामगढ़ में आयोजितअध्यक्षता- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद |
| 1941-1945 | इस चरण में कोई सत्र आयोजित नहीं किया गया |
| नवंबर 1946 | मेरठ में आयोजितअध्यक्षता- जे.बी. कृपलानी |
Labels: bhartiya rashtriya congress
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